Bharat NCAP information in hindi | BNCAP क्या है?, उद्देश्य, फुल फॉर्म, लक्ष्य, लाभ, मुख्य चुनौतियां, 5 स्टार सेफ्टी रेटिंग क्या है?, क्रैश टेस्ट क्या होता है?, Bharat ncap vs Global ncap,
Bharat NCAP क्या है?
भारत सरकार ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अंतर्गत न्यू कर असेसमेंट प्रोग्राम (Bharat NCAP) की शुरुआत 2023 में की है। जिसके द्वारा भारतीय वाहनों का क्रैश टेस्ट किया जाता है तथा सुरक्षा मानकों का परीक्षण कर वाहनों को स्टार रेटिंग प्रदान की जाती है जो 0 से 5 स्टार तक होती है।

Bharat NCAP के उद्देश्य
भारत का उद्देश्य नए वाहनों की सेफ्टी को टेस्ट करना और सेफ्टी फीचर्स का मूल्यांकन करना है। इसके तहत यात्री कारों का क्रैश टेस्ट कर जीरो से 5 तक स्टार रेटिंग दी जाती है जिससे उपभोक्ता को कार की सेफ्टी के बारे में अंदाजा लगाया जा सकता है और निर्माता को सेफ्टी स्टैंडर्ड बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करता है जिससे भारतीय सड़कों पर दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आ सके और दुर्घटनाओं के बाद यात्रियों की जान बचाई जा सके।
Bharat NCAP का फुल फॉर्म
इसे संक्षिप्त रूप में BNCAP या Bharat NCAP कहा जाता है इसका पूरा नाम भारत न्यू कार एसेसमेंट प्रोग्राम (Bharat New Car Assessment Program) है
Bharat NCAP के लक्ष्य
- नए वाहनों में सुरक्षा मानव को को अधिक से अधिक बढ़ने के लिए निर्माता को प्रोत्साहित करना।
- वाहन सुरक्षा फीचर्स के लिए निर्माता के बीच प्रतिस्पर्धा पैदा करना जिससे कि उपभोक्ताओं को उन्नत तकनीक के वाहन मिल सके।
- उपभोक्ताओं को वहां सुरक्षा की सशक्त एवं सटीक जानकारी प्रदान करना।
- सड़क सुरक्षा के महत्व के प्रति विभिन्न अभियानों एवं जन जागरूकता के माध्यम से प्रचारित करना।
- विभिन्न सरकारी संस्थाओं के साथ मिलकर उपभोक्ताओं के हित में परिवहन नियम एवं नीति की वकालत करना।
- वाहनों की सुरक्षा में सुधार एवं सड़क दुर्घटनाओं में कमी के प्रति जागरूकता के परिणाम का आकलन करना।
- वाहनों के नए-नए सेफ्टी फीचर के विकास के लिए रिसर्च एंड डेवलपमेंट को बढ़ावा देना।
Bharat NCAP के लाभ
- मृत्यु दर में कमी: सुरक्षा मानकों के अनुरूप कारों के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा जिससे सड़क दुर्घटना में होने वाली मृत्यु दर में कमी आएगी।
- स्वास्थ्य सेवा एवं बीमा सेवा पर सकारात्मक प्रभाव: वहां सुरक्षा में सुधार से स्वास्थ्य सेवा और बीमा सेवा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
- वाहन निर्माता कंपनियों के प्रति विश्वास एवं प्रतिष्ठा में सुधार: निर्माता द्वारा उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए सुरक्षा मानकों का पालन करने से ब्रांड की प्रतिष्ठा और उपभोक्ताओं का विश्वास मिलेगा।,
Bharat NCAP की मुख्य चुनौतियां
भारत में सड़क सुरक्षा के लिए मानक तैयार करना एक चुनौती पूर्ण कार्य है क्योंकि सड़क शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बहुत विविधताएं हैं कम बजट के वाहनों की उच्च मांग के कारण उन्नत तकनीक व उच्च सुरक्षा मानक का दिया जाना बड़ा ही कठिन कार्य है। भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में वहां विविधता के चलते सभी मॉडलों का प्रभावी मूल्यांकन करना भी एक चुनौती पूर्ण कार्य है। साथ ही उपभोक्ताओं को सुरक्षा रेटिंग का महत्व समझाना और उन्हें सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करना भी बहुत बड़ी चुनौती है।
5 स्टार सेफ्टी रेटिंग क्या है?
सरल शब्दों में 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग का अर्थ कार में उपस्थित सुरक्षा मानक से है जो क्रैश टेस्ट के पश्चात 0 से 5 स्टार तक दिया जाता है यह वाहनों में लगे डमी सेंसरों का उपयोग से संकलित डाटा करता है तथा कारों में उपयोग किए जाने वाले सेफ्टी फीचर्स की गुणवत्ता के आधार पर होता है जिसमें शरीर के विभिन्न हिस्सों पर लगने वाली संभावित चोट से सुरक्षा के आधार पर सेफ्टी रेटिंग दी जाती है।
क्रैश टेस्ट क्या होता है?
यह कार की सेफ्टी को प्रदर्शित करने वाला मानक पैमाना है जिसमें 0 से 5 तक स्टार रेटिंग दी जा सकती है जिस कर की स्टार रेटिंग जितनी ज्यादा होगी वह कर उतनी ही सुरक्षित होगी।
इस टेस्ट में कार का फ्रंट क्रैश टेस्ट और साइड इंपैक्ट क्रैश टेस्ट किया जाता है कार में विभिन्न प्रकार के सेंसर और यात्री की जगह डमी का उपयोग किया जाता है, डमी पर भी विभिन्न प्रकार के सेंसर लगे होते हैं जिनके द्वारा क्रैश टेस्ट के पश्चात प्राप्त आंकड़ों से मानव शरीर के महत्वपूर्ण हिस्सों जैसे शेर पर खोपड़ी छाती घुटने पैर आदि पर लगने वाली छोटों का आकलन किया जाता है इसके साथ ही सीट बेल्ट वह अन्य सेफ्टी फीचर को भी टेस्ट किया जाता है।
Bharat ncap vs Global ncap
भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (भारत NCAP) और ग्लोबल न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (ग्लोबल NCAP) के बीच प्रमुख अंतर:
विशेषता | भारत NCAP | ग्लोबल NCAP |
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परिचय | भारत का स्वदेशी वाहन सुरक्षा मूल्यांकन कार्यक्रम | अंतरराष्ट्रीय वाहन सुरक्षा मूल्यांकन कार्यक्रम |
लॉन्च वर्ष | 2023 | 2011 |
स्वामित्व | सरकार द्वारा संचालित (भारत सरकार) | स्वतंत्र गैर-लाभकारी संगठन |
केंद्र बिंदु | भारतीय सड़कों और ड्राइविंग स्थितियों के अनुरूप सुरक्षा | अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप वाहनों की सुरक्षा का आकलन |
रेटिंग प्रणाली | 1 से 5 स्टार रेटिंग | 1 से 5 स्टार रेटिंग |
परीक्षण स्पीड | फ्रंटल टेस्ट – 64 किमी/घंटा | फ्रंटल टेस्ट – 102 किमी/घंटा |
टेस्ट प्रकार | फ्रंटल ऑफसेट, साइड इम्पैक्ट, पोल-साइड इम्पैक्ट | फ्रंटल ऑफसेट, साइड इम्पैक्ट |
कानूनी स्थिति | स्वैच्छिक, कुछ मॉडलों के लिए अनिवार्य हो सकता है | पूरी तरह से स्वैच्छिक |
फोकस | भारतीय उपभोक्ताओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए | वैश्विक वाहन निर्माताओं के लिए |
प्रोटोकॉल विकास | भारतीय ड्राइविंग परिस्थितियों के अनुसार, ग्लोबल मानकों का समायोजन | अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत प्रोटोकॉल पर आधारित |
वित्तपोषण स्रोत | भारत सरकार | विभिन्न चैरिटी और कार कंपनियों द्वारा वित्त पोषित |
प्रभाव का क्षेत्र | केवल भारतीय बाजार | वैश्विक स्तर पर विभिन्न देशों में |